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आंखें होली जरुरत मार प्यार बंसी खास दी अंग पिचकारी सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला उत्कृष्ट रचना कलम टांग तोड़ यार दिल जलती छोड़ दी संग

Hindi मार दी तुझे पिचकारी Poems